12 राज्यों में कैश की किल्लत,खाली एटीएम से लोग परेशान,हरकत में आई सरकार

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देश के 12 राज्यों में नकदी की कमी से लोग परेशान है। देश भर में फिर से अचानक उभरे कैश संकट ने आम आदमी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। देश के कई राज्यों में एटीएम, बैंक में पैसा नहीं है जिसके कारण लोगों को कैश के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिन एकाध एटीएम में रुपये निकल भी रहे तो वहां बड़े नोटों का अभाव है। बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों से इसकी वजह जाननी चाही तो हैरान कर देने वाली हकीकत सामने आई तो पता चला कि रिजर्व बैंक द्वारा जारी किये गए 2000 के नोट बैंकों में वापस लौट ही नहीं रहे। उधर, नोटों की डंपिंग की आशंका में रिजर्व बैंक ने भी 2000 के नोटों की छपाई पर रोक लगा दी और छोटे नोटों के छापने पर जोर दिया जा रहा है। जमा में कमी और रिजर्व बैंक से सप्लाई न होने की वजह से एटीएम मशीनों में कैश का संकट गहरा गया है। वहीं, एटीएम के बुरे हालात पर बैंकों के जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। स्थिति में सुधार के लिए सरकार को तुरंत हरकत में आना पड़ा और उसने नकदी उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक समेत 12 राज्यों में नकदी की मांग में आई असामान्य तेजी से निकासी बढ़ने के कारण एटीएम खाली हो गए। हालांकि सरकार का दावा है कि सिर्फ छह राज्यों में नकदी का संकट है। वित्त मंत्री से लेकर आर्थिक मामलों के सचिव तक को बयान देना पड़ा है। सरकार अपना बचाव कर रही है तो वहीं विपक्ष इसे नोटबंदी का असर बता रहा है। राहुल गांधी ने तो इस पर कविता तक शेयर कर डाली। वहीं, सरकार का दावा है कि देश में कैश की स्थिति की समीक्षा की गई है। देश में पर्याप्त मात्रा में कैश मौजूद है, बैंकों में भी कैश उपलब्ध है।

वित्त मंत्रालय की आज जारी विज्ञप्ति में नकदी की तंगी की रिपोर्टों की पुष्टि की गई है। इसमें कहा गया है,पिछले तीन माह के दौरान देश में नकदी की मांग में असामान्य तेजी आई है। मंत्रालय ने कहा है कि अप्रैल के शुरुआती 13 दिन में मुद्रा आपूर्ति में 45,000 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और बिहार के कुल हिस्सों में मांग में असामान्य तेजी देखी गई है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने कहा है कि रिजर्व बैंक नकदी की तंगी से निपटने के लिए 500 रुपए के नोट की छपाई को पांच गुना बढ़ाकर 2,500 करोड़ रुपए प्रतिदिन करेगा। इस प्रकार एक महीने में हम 70,000 से 75,000 करोड़ रुपए के नोट छाप लेंगे। इससे आपको भरोसा हो जाएगा कि हम बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयारी में हैं। केके सिंह, महामंत्री, एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने कहा है की आरबीआई से नोट की सप्लाई में भारी कमी की वजह से यह किल्लत पैदा हुई है। फिलहाल सिर्फ छोटे नोट ही एटीएम में रीफिल किये जा रहे हैं। जिस वजह से एटीएम जल्द खाली हो जाते हैं।

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