श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को भारत लाने में क्यू हो रही है देरी, जाने वजह

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बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी की देर रात शनिवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह दुबई एक शादी समारोह में हिस्सा लेने आईं थीं। उन्होंने दुबई से 120 किलोमीटर दूर रास अल खैला में अपनी आखिरी सांस ली। वह 54 साल की थीं। उनके निधन को 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। लेकिन अब तक उनका शव दुबई से भारत नहीं लाया जा सका। लैब रिपोर्ट नहीं आने की वजह से उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने में देरी हो रही है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इसमें कितनी देर लगेगी। ऐसे में लोगों में यह जानने में रुचि है कि विदेश से शव लाने की क्या प्रक्रिया है और इसमें कितना समय लगता है। 

विदेश में हुई किसी भी मृत्यु के मामले में शव को भारत वापस लाने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है। विदेश मंत्रालय ने इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी वेबसाइट पर दे रखी है। इसके मुताबिक़ शव वापसी के लिए मेडिकल रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट ज़रूरी है, जो कि स्थानीय अस्पताल से जारी किया गया हो। पुलिस रिपोर्ट की कॉपी अगर एक्सीडेंटल या अननेचुरल डेथ का मामला हो (इसके इंग्लिश ट्रांसलेशन की कॉपी अगर रिपोर्ट किसी अन्य भाषा में लिखी हो तो) मृतक के किसी नजदीकी परिजन से कंसेंट लेटर जो की नोटरी से अटेस्टेड हो, पासपोर्ट और वीजा के पन्नों की कॉपी (निरस्तीकरण के लिए) इन दस्तावेजों के अलावा शव पर लेपन का क्लीयरेंस और उसकी व्यवस्था भी ज़रूरी है। स्थानीय इमीग्रेशन और कस्टम से क्लीयरेंस भी जरूरी होता है। मृतक किसी संक्रामक रोग से पीड़ित नहीं था, इसका सर्टिफ़िकेट भी जरूरी होता है। ये तमाम नियम देश के हिसाब से कुछ बदल सकते हैं। नेचुरल डेथ के मामले में सबको वापस लाने में बहुत देर नहीं लगता, लेकिन अननेचुरल डेथ के मामले में यह प्रक्रिया लंबी चलती है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर पुलिस उसकी जांच पड़ताल करती है और उससे जुड़े सबूत जुटाती है। शव को वापस लाने की प्रक्रिया के दौरान भारतीय दूतावास कांसुलेट लगातार मृतक के परिजनों के संपर्क में रहते हैं।

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