“ब्लू वेल” एक खतरनाक गेम है ,इसे खेलने से बचे

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ब्लू व्हेल गेम एक बहुत खतरनाक इंटरनेट गेम है. यह गेम एक आत्मघाती खेल माना जाता है, एक सोशल मीडिया समूह है, जो लोगों को खुद को मारने के लिए कहता है. इसे instagram द्वारा सबसे ज्यादा फैलाया जा रहा है। इस गेम में 50 टास्क दिये जाते है, हर दिन एक नया टास्क दिया जाता है, और इसे 50 दिन में पूरा करना होता है.और ठीक 50 दिन पूरा होने पर गेम खेलने वालो को सुसाइट करने का टास्क दे दिया जाता है.Madurai Blue Whale Suicide,Blue Whale challenge इस गेम को खेलते खेलते बच्चा इतना रम जाता है कि वो टास्क देने वाले की हर बात मानने लग जाता है, और उसके कहने पर सुसाइट जैसा गलत कदम उठा के अपनी जान दे देता है। देश की संसद में भी इस गेम को बैन करने की मांग कर रही है। यह गेम 2013 में सबसे पहले रूस में सामने आया। करीब 4 साल में इसने दुनिया भर में 250 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। अकेले रूस में 130 से ज्यादा मौतें हुईं। Madurai Blue Whale Suicide,Blue Whale challengeइसके अलावा, अमेरिका से लेकर पाकिस्तान तक, कुल 19 देशों में इस गेम की वजह से खुदकुशी के कई मामले सामने आए हैं। सवाल है कि आखिर ऐसी जीत किस काम की, जब जीतनेवाले की जिंदगी ही न रहे। दुनिया भर में इस गेम की वजह से अब तक बहुत सी मौते हो चुकी है. अब इस गेम की बीमारी इंडिया में भी शुरू हो गयी है, इंडिया में इस गेम की वजह से कई बच्चे सुसाइट करके अपनी जान दे बैठे है।Madurai Blue Whale Suicide,Blue Whale challenge

इस गेम के चलते मुंबई की मनप्रीत ने  7 वीं मंजिल से छलांग लगा दी , कहा जा रहा है कि 14 साल के मनप्रीत ने ऐसा कदम ‘ब्लू वेल चैलेंज’ गेम के आखिरी चैलेंज को पूरा करने के लिए उठाया था। मनप्रीत ने अपने दोस्तों को बताया था कि वह ब्लू वेल गेम खेल रहा है। उसने जान देने से पहले सोशल मीडिया पर भी लिखा कि मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं। हालांकि मनप्रीत के पैरंट्स इस हादसे के पीछे ऐसी किसी वजह से इनकार कर रहे हैं। बहरहाल, मनप्रीत की खुदकुशी की असलियत तो जांच में सामने आ जाएगी, लेकिन ब्लू वेल चैलेंज जैसे गेम्स ने इंटरनेट गेम्स की काली दुनिया पर बहस छेड़ दी है, क्योंकि इस तरह के गेम्स के शिकार ज्यादातर किशोर होते हैं. Madurai Blue Whale Suicide,Blue Whale challengeब्लू वेल चैलेंज गेम बनाने वाले 22 साल के फिलिप बुदिएकिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि हां, मैं लोगों को खुदकुशी के लिए उकसाता हूं। जो लोग अपनी जिंदगी की कद्र नहीं करते वे एक तरह से  जैविक कचरा हैं। मैं ऐसे ही लोगों को दुनिया से बाहर भेजने का काम कर रहा हूं।’ऐसे खतरनाक गेम्स बनाने वालों के मन में भी कहीं-न-कहीं यह भाव रहा होगा कि किस तरह गेम के जरिए कोई उसके इशारे पर नाच रहा है। ऐसे लोग नॉर्मल नहीं होते।

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